ऑनलाइन स्कैम के खिलाफ मेटा की बड़ी कार्रवाई: एक करोड़ से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट हटाए, जानें क्या है मामला

Suyash Pandey
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीSuyash Pandey
Thu, 12 Mar 2026 05:06 PM IST
सार

Meta Scam Accounts Removal:

ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए मेटा ने बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने पिछले एक साल में फेसबुक और इंस्टाग्राम से 1 करोड़ से ज्यादा ऐसे फर्जी अकाउंट्स हटाए हैं। ये अकाउंट्स नकली प्रोफाइल और झूठे ऑफर्स के जरिए लोगों को ठग रहे थे। पढ़ें पूरी खबर...

Meta Removes Over 10.9 Million Scam Accounts from Facebook and Instagram
मेटा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एआई

    विस्तार

    आजकल सोशल मीडिया पर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। इसी को रोकने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की मूल कंपनी मेटा ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ऑनलाइन स्कैम पर लगाम कसने के लिए पिछले एक साल में 1 करोड़ 9 लाख से ज्यादा फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। आइए समझते हैं कि ये अकाउंट क्या कर रहे थे और मेटा इससे कैसे निपट रहा है।

    कैसे लोगों को फंसाते थे ये अकाउंट?

    मेटा की जांच में ये बात सामने आई है कि हटाए गए ज्यादातर अकाउंट्स बड़े और ऑर्गेनाइज्ड स्कैम का हिस्सा थे। ये स्कैमर्स लोगों को फंसाने के लिए एक पूरा जाल बिछाते थे। सबसे पहले ये मशहूर हस्तियों, बड़े ब्रांड्स या जानी-मानी कंपनियों के नाम पर नकली प्रोफाइल बनाते थे। इसके बाद ये यूजर्स को लुभावने बिजनेस ऑफर और निवेश में भारी मुनाफे का झूठा लालच देते थे। शुरुआत में ये ठग एक आम यूजर की तरह बड़ी ही शालीनता से बात करके लोगों का भरोसा जीतते थे और फिर मौका मिलते ही उनसे पैसे या पर्सनल जानकारी मांग लेते थे। इतना ही नहीं, शिकार को अपने जाल में पूरी तरह फंसाने के लिए ये लोग अक्सर दिखने में बिल्कुल असली लगने वाली फर्जी वेबसाइट्स के लिंक भी भेजते थे। ताकि धोखे से यूजर्स का डेटा आसानी से चुराया जा सके।

    एआई की मदद से स्कैमर्स की छुट्टी

    इन स्कैमर्स से दो कदम आगे रहने के लिए मेटा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भरपूर इस्तेमाल कर रहा है। दरअसल, मेटा का नया एआई सिस्टम अब किसी भी मैसेज का टेक्स्ट, तस्वीरें, पोस्ट का तरीका और लिंक को एक साथ चेक कर सकता है। इससे तुरंत ये पता चल जाता है कि कोई अकाउंट फर्जी है या नहीं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस तकनीक की मदद से यूजर्स के रिपोर्ट करने से पहले ही एआई ऐसे कई स्कैम्स को पकड़ कर ब्लॉक कर देता है। इसी एडवांस्ड एआई की बदौलत पिछले साल 15.9 करोड़ से ज्यादा फर्जी विज्ञापन भी हटाए गए थे। इनमें से 92% विज्ञापनों को तो किसी यूजर के शिकायत करने से पहले ही डिलीट कर दिया गया था।

    आपको बचाने के लिए आ रहे हैं ये नए अलर्ट

    अकाउंट्स डिलीट करने के साथ-साथ मेटा अपने एप्स में कुछ नए सेफ्टी फीचर और वॉर्निंग अलर्ट भी जोड़ रहा है। ताकि यूजर्स को और अधिक सुरक्षित रखा जा सके। उदाहरण के लिए, फेसबुक पर अब अगर आपको किसी ऐसे बिल्कुल नए प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है, जिसके साथ आपका कोई म्यूचुअल फ्रेंड नहीं है या जिसकी लोकेशन संदिग्ध लगती है तो प्लेटफॉर्म आपको तुरंत एक अलर्ट दिखाएगा। इसी तरह, व्हाट्सएप पर भी किसी नए डिवाइस को लिंक करते समय अगर सिस्टम को कुछ गड़बड़ या असामान्य लगता है तो वह आपको तुरंत वॉर्निंग देगा। इसके अलावा, मैसेंजर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अगर कोई अजनबी चैट के दौरान आपसे अचानक पैसे मांगता है या कोई फर्जी जॉब ऑफर देता है तो एप आपको तुरंत सावधान कर देगा।

    यूजर्स के लिए क्या है सीख?

    मेटा अपनी तरफ से तकनीक को मजबूत कर रहा है लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि सुरक्षा आपके हाथों में भी है। इंटरनेट पर किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, लुभावने ऑफर्स से बचें और बिना सोचे-समझे किसी को ऑनलाइन पैसे न भेजें। सतर्क रहें और सुरक्षित रहें!