Meta: हर 5 में से 1 टीनएजर ने इंस्टाग्राम पर देखी आपत्तिजनक तस्वीरें, मेटा के आंतरिक सर्वे में खुलासा
Meta के एक आंतरिक सर्वे में सामने आया है कि 13 से 15 साल के लगभग 19% इंस्टाग्राम यूजर्स ने अनचाही नग्न या यौन तस्वीरें देखने की शिकायत की। यह जानकारी अमेरिका में चल रहे एक फेडरल केस के दौरान सार्वजनिक दस्तावेजों से सामने आई है।

विस्तार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर किशोरों की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अदालत में पेश दस्तावेजों के मुताबिक, 13 से 15 वर्ष के करीब 19% यूजर्स ने बताया कि उन्हें ऐसे “आपत्तिजनक या यौन तस्वीरें” दिखीं, जिन्हें वे देखना नहीं चाहते थे। यह जानकारी अमेरिका के कैलिफोर्निया में चल रहे एक फेडरल मुकदमे के दौरान सार्वजनिक हुई। दस्तावेजों में मार्च 2025 में इंस्टाग्राम प्रमुख एडम मोसेरी की गवाही के अंश भी शामिल हैं।
2021 के सर्वे से सामने आए आंकड़े
मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन के अनुसार, यह आंकड़ा 2021 में इंस्टाग्राम यूजर्स पर किए गए एक सर्वे से आया था। यह किसी पोस्ट की सीधी जांच पर आधारित नहीं था, बल्कि यूजर्स के अनुभवों पर आधारित सर्वे था। सर्वे में यह भी सामने आया कि 13 से 15 साल के लगभग 8% किशोरों ने कहा कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर किसी को खुद को नुकसान पहुंचाते या ऐसा करने की धमकी देते देखा।
किशोरों को प्रभावशाली यूजर मानती है कंपनी
अदालत में पेश किए गए एक अन्य दस्तावेजों से पता चला है कि मेटा के शोधकर्ता किशोरों को अपने मंच के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानते थे। जनवरी 2021 के एक मेमो में एक शोधकर्ता ने सुझाव दिया था कि कंपनी को किशोरों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए क्योंकि वे अपने घर के लिए 'कैटेलिस्ट' यानी उत्प्रेरक की तरह काम करते हैं।
इसका मतलब यह है कि अगर एक किशोर एप का इस्तेमाल करता है, तो वह अपने माता-पिता और छोटे भाई-बहनों को भी इससे जोड़ने के लिए प्रभावित करता है। कंपनी का मानना था कि नए यूजर्स हासिल करने और उन्हें बनाए रखने के लिए बच्चों के जरिए पूरे परिवार तक पहुंचना एक बेहतरीन रणनीति है।
मेटा पर बढ़ता कानूनी दबाव
मेटा प्लेटफॉर्म्स, जो फेसबुक और इंस्टाग्राम की मालिक है, पर दुनियाभर में आरोप लग रहे हैं कि उसके प्लेटफॉर्म युवा यूजर्स के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अमेरिका में कंपनी पर हजारों मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें आरोप है कि मेटा ने जानबूझकर अपने एप्स को नशे की तरह लत लगाने वाला बनाया है, जिससे नाबालिगों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
इन आरोपों के जवाब में इंस्टाग्राम प्रमुख एडम मोसेरी का तर्क है कि ज्यादातर आपत्तिजनक सामग्री प्राइवेट मैसेज के जरिए भेजी जाती है। उनके अनुसार, कंपनी के लिए चुनौती यह है कि वे सुरक्षा के नाम पर लोगों के निजी मैसेज नहीं पढ़ सकते क्योंकि इससे यूजर्स की प्राइवेसी का उल्लंघन होगा।
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