Twitter vs Musk: एलन मस्क ने कहा- ट्विटर को भारत सरकार के कानून को मानना चाहिए

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Fri, 05 Aug 2022 01:06 PM IST
सार

ट्विटर (Twitter) ने गुरुवार को डेलावेयर कोर्ट में दाखिल एलोन मस्क के उस दावे से इनकार कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि Twitter को खरीदने के लिए सौदे पर हस्ताक्षर करने के लिए उन्हें धोखा दिया गया था।

Elon Musk said that Twitter should follow the local law in India
Twitter - फोटो : सोशल मीडिया

    विस्तार

    ट्विटर और एलन मस्क की डील अब धीरे-धीरे एक नए मोड़ पर जा रही है। एक महीने तक चली लंबी जद्दोजहद के बाद एलन मस्क ने ट्विटर के अधिग्रहण की डील को खत्म कर दिया और उसके बाद से ट्विटर और एलन मस्क दोनों कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। एलन मस्क ने Twitter की डील को यह कहते हुए खत्म कर दिया कि कंपनी बॉट अकाउंट की जानकारी नहीं दे रही है। भारत सरकार के साथ चल रहे ट्विटर की तनातनी पर भी एलन मस्क ने पहली बार बयान दिया है। एलन मस्क ने कहा है कि Twitter ने भारत सरकार के खिलाफ चल रहे मुकदमे का खुलासा नहीं किया, हालांकि कंपनी को भारत सरकार के स्थानीय कानून का पालन करना चाहिए।

    आपको याद दिला दें कि पिछले साल भारत के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सरकार को सोशल मीडिया पोस्ट की जांच करने, सूचना की पहचान करने की मांग करने और अनुपालन करने से इनकार करने वाली कंपनियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने वाले कुछ नियम लागू किए। मस्क ने कहा है कि ट्विटर ने भारत सरकार के खिलाफ जाकर तीसरे सबसे बड़े बाजार को खतरे में डाल दिया है।

    वहीं ट्विटर ने गुरुवार को डेलावेयर कोर्ट में दाखिल एलोन मस्क के उस दावे से इनकार कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि ट्विटर को खरीदने के लिए सौदे पर हस्ताक्षर करने के लिए उन्हें धोखा दिया गया था। ट्विटर का कहना है कि एलन मस्क का आरोप बेबुनियाद है। ट्विटर ने कहा है कि ट्विटर पर आरोप लगाने के लिए एलन मस्क के पास पर्याप्त जानकारी नहीं है। मस्क ने जुलाई में कर्नाटक उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सरकार के खिलाफ मुकदमे का कंपनी ने खुलासा नहीं किया।

    दूसरी ओर ट्विटर ने कहा है कि उसने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए के तहत भारत सरकार के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें कुछ कंटेंट और अकाउंट पर कार्रवाई करने की बात कही गई थी। ट्विटर को मिले आदेश में राजनेताओं, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के अकाउंट और पोस्ट को हटाने के लिए कहा गया है।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें