Social Media: ऑस्टेलिया के बाद सोशल मीडिया पर बैन की तैयारी में मिस्र, छोटे बच्चों के लिए लग सकता है प्रतिबंध
Egypt Proposes Social Media Restrictions:
मिस्र सरकार बच्चों को सोशल मीडिया के नुकसान से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए मिस्र की संसद सख्त कानून लाने की तैयारी में है।

विस्तार
ऑस्ट्रेलिया के बाद अब मिस्र में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा सकता है। मिस्र की संसद बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम बनाने पर विचार कर रही है। संसद का कहना है कि यह कदम बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए उठाया जा रहा है। इसके लिए जल्द ही एक विशेष कानून का मसौदा तैयार किया जाएगा।
संसद ने साफ किया है कि कानून बनाने से पहले सरकार और संबंधित विशेषज्ञ संस्थाओं से सलाह ली जाएगी। इसका मकसद ऐसा ढांचा तैयार करना है, जो बच्चों के विचारों और व्यवहार को प्रभावित करने वाले खतरों से उनकी सुरक्षा कर सके। हाल ही में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सीमित करने की वकालत की थी। उन्होंने मुताबिक, बच्चों को तब तक सोशल मीडिया से दूर रखा जाना चाहिए, जब तक वे इसे समझदारी से इस्तेमाल करने की उम्र तक न पहुंच जाएं।
दूसरे देशों से ले रहा मिस्र सीख
राष्ट्रपति ने ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध या कड़े नियमों पर काम हो रहा है। मिस्र भी इन्हीं देशों की तर्ज पर कदम उठाने पर विचार कर रहा है। 2024 की एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र में 18 साल से कम उम्र के करीब 50 फीसदी बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। इस दौरान वे हानिकारक कंटेंट, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन शोषण जैसे खतरों के संपर्क में आ सकते हैं।

वैश्विक स्तर पर बढ़ रही सख्ती
ऑस्ट्रेलिया हाल ही में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश बना है। वहीं, ब्रिटेन और फ्रांस भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया नियमों को सख्त करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया सरकार का ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट एक्ट पिछले साल 10 दिसंबर से लागू हो चुका है। इस कानून के तहत रेडिट, एक्स, मेटा के इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म शामिल हैं। नियमों के अनुसार कंपनियों को एज वेरिफिकेशन लागू करना होगा ताकि 16 साल से कम उम्र के बच्चे अकाउंट न बना सकें। सोशल मीडिया पर बैन के बाद मेटा ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और थ्रेड्स से एक हफ्ते के भीतर कुल 5.5 लाख टीन अकाउंट्स हटाए हैं।
व्हाट्सएप भी लाने वाला है पैरेंटल फीचर
बच्चों की सेफ्टी को नजर में रखते हुए व्हाट्सएप भी नया पेरेंटल फीचर पर काम कर रहा है। यह फीचर माता-पिता को अपने बच्चों के लिए सेकेंडरी व्हाट्सएप अकाउंट बनाने की परमिशन देगा। इसमें सुरक्षा के लिए सख्त पाबंदियां होंगी, जिसे पैरेंट्स अपने फोन से कंट्रोल कर पाएंगे। बच्चे का अकाउंट पैरेंट के प्राइमरी अकाउंट से QR कोड के जरिए लिंक होगा, जिससे सुरक्षा की डोर माता-पिता के हाथ में रहेगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नए सिस्टम में पैरेंट्स को एक 6-डिजिट का प्राइमरी पिन सेट करना होगा। जब भी बच्चे के अकाउंट में कोई बड़ा बदलाव करना होगा, तो इसी PIN की जरूरत पड़ेगी। सेटअप के दौरान, पैरेंट्स को अपने फोन से बच्चे के डिवाइस का क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। इसके बाद बच्चा अपनी मर्जी से सेटिंग्स नहीं बदल पाएगा और अकाउंट पूरी तरह से माता-पिता के निगरानी में रहेगा।
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