आज दो-दो iPhone इस्तेमाल करते हैं डोनाल्ड ट्रंप, कभी किया था Apple का बहिष्कार

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति हैं और 46वें राष्ट्रपति पद के लिए ट्रंप और पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। डोनाल्ड ट्रंप भले ही दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति पद पर हैं लेकिन वे अक्सर विवादों रहते हैं। ट्रंप के ट्वीट को ट्विटर अक्सर भ्रामक और गलत बताकर ब्लॉक कर देता है। आपको जानकर हैरानी होगी जिस ट्विटर के साथ ट्रंप का 36 का आंकड़ा है, उसी ट्विटर पर ट्वीट के लिए ट्रंप ने खासतौर पर एक फोन रखा है।
दो आईफोन इस्तेमाल करते हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप कभी एपल का प्रोडक्ट का बहिष्कार किया करते थे लेकिन आज ट्रंप दो आईफोन इस्तेमाल करते हैं। एक आईफोन से वह सिर्फ ट्वीट ही करते हैं। डोनाल्ट ट्रंप के पास मार्च 2017 तक एंड्रॉयड फोन ही था जो कि सैमसंग का बताया जाता है लेकिन अब वे आईफोन का इस्तेमाल करते हैं। ट्रंप ने साल 2016 में एपल के आईफोन का बहिष्कार भी किया था। उन्होंने ट्वीट करके लोगों से आईफोन इस्तेमाल ना करने की मांग थी। साल 2015 में सैन बर्नार्डिनो शूटिंग के बाद एपल ने आतंकी के फोन को अनलॉक करने से मना कर दिया था जिसके बाद ट्रंप ने आईफोन के बहिष्कार की अपील की थी।
सिक्योरिटी नियमों का नहीं करते पालन
साल 2018 में politico की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि डोनाल्ड ट्रंप दो आईफोन का इस्तेमाल करते हैं जिनमें से एक से कॉलिंग और मैसेजिंग करते हैं, जबकि दूसरे फोन से ट्वीट करते हैं और कुछ न्यूज वेबसाइट देखते हैं। ये दोनों आईफोन ट्रंप को व्हाइट हाउस सूचना प्रौद्योगिकी और व्हाइट हाउस संचार एजेंसी की ओर से दिए गए हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि सुरक्षा कारणों से ट्रंप को प्रत्येक 30 दिन पर ट्विटर वाले आईफोन को बदलने की सलाह दी गई थी लेकिन उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया था। यह भी कहा जाता है कि सिक्योरिटी एजेंसियों की जांच के बिना ट्रंप ने अपने ट्विटर वाले फोन को पांच महीने तक इस्तेमाल किया था। बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में ओबामा और उनकी पत्नी के फोन की जांच प्रत्येक 30 दिनों पर होती थी। आईफोन से पहले व्हाइट हाउस में ब्लैकबेरी फोन का ही इस्तेमाल होता था। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी ब्लैकबेरी का ही इस्तेमाल करते थे। बता दें कि प्रत्येक कुछ दिन पर ट्रंप का फोन नंबर बदल दिया जाता है।
ट्रंप से पहले थे शख्त नियम
किसी भी राष्ट्राध्यक्ष पर जासूस और जासूसी करने वाली एजेंसियों की पूरी नजर रहती है। ऐसे में इनके संचार सिस्टम पर सुरक्षा एजेंसियां भी पल-पल नजर रखती हैं। राष्ट्राध्यक्ष को दिए जाने वाले फोन को देश की संबंधित एजेंसियां तय नियमों के मुताबिक मॉडिफाई करती हैं। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से पहले व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति के फोन को लेकर शख्त नियम होते थे। जैसे- राष्ट्रपति अपने फोन के कैमरे और माइक्रोफोन का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे। इसके अलावा इन्हें दिए जाने वाले फोन में जीपीएस का सपोर्ट नहीं रहता था लेकिन ट्रंप के कार्यकाल में ये सभी नियम खत्म हो गए हैं। अधिकतर देशों के राष्ट्राध्यक्ष ब्लैकबेरी के फोन का इस्तेमाल करते थे लेकिन अब कंपनी के बंद हो जाने के बाद एपल आईफोन पहली पसंद बन गया है।