Induction Tips: इंडक्शन चूल्हे के पास भूलकर भी न रखें ये गैजेट्स, मिनटों में हो सकते हैं खराब; जानें क्यों
Induction Stove Safety:
आधुनिक किचन में इंडक्शन स्टोव ने अपनी जगह बना ली है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपके महंगे गैजेट्स का दुश्मन भी बन सकता है?

आजकल समय बचाने और सुरक्षित कुकिंग के लिए इंडक्शन कुकटॉप्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। यह चूल्हा साधारण गैस की तरह आग पर नहीं, बल्कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन के सिद्धांत पर काम करता है। इसमें कॉपर की एक कॉइल होती है जो हाई-फ्रीक्वेंसी वाला चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) पैदा करती है। यही चुंबकीय क्षेत्र बर्तन को गर्म करता है। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब हम अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को इसके बहुत करीब रख देते हैं।
चूंकि हमारे स्मार्टफोन, टैबलेट और अन्य स्मार्ट उपकरणों में भी सूक्ष्म चुंबकीय सेंसर और संवेदनशील सर्किट होते हैं, इसलिए इंडक्शन से निकलने वाली लहरें उनके काम करने के तरीके में बाधा डाल सकती हैं और उन्हें हमेशा के लिए खराब कर सकती हैं।

स्मार्टफोन और टैबलेट को पहुंच सकता है बड़ा नुकसान
अक्सर हम खाना बनाते समय रेसिपी देखने या वीडियो कॉल करने के लिए अपने स्मार्टफोन को इंडक्शन के ठीक बगल में रख देते हैं। यह आदत आपके फोन के लिए बहुत महंगी साबित हो सकती है। इंडक्शन का शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र फोन के अंदर मौजूद डिजिटल कंपास, सेंसर और यहां तक कि बैटरी को भी प्रभावित कर सकता है। कई मामलों में देखा गया है कि इंडक्शन के करीब रखे फोन की बैटरी बहुत तेजी से गर्म होने लगती है, जिससे उसमें ब्लास्ट होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा, फोन की स्क्रीन और कैमरा लेंस के सेंसर भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस की वजह से खराब हो सकते हैं।

लैपटॉप और स्मार्टवॉच के लिए भी है खतरा
अगर आप किचन के स्लैब पर लैपटॉप रखकर काम करते हैं और पास में ही इंडक्शन चालू है, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। लैपटॉप में हार्ड ड्राइव और अन्य स्टोरेज डिवाइस होते हैं जो डेटा को सुरक्षित रखने के लिए चुंबकीय गुणों का इस्तेमाल करते हैं। इंडक्शन के करीब होने से लैपटॉप का डेटा करप्ट हो सकता है या उसकी स्क्रीन में झिलमिलाहट (Flickering) शुरू हो सकती है।
यही खतरा आपकी स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड के साथ भी है। ये गैजेट्स बहुत छोटे और संवेदनशील होते हैं। चुंबकीय क्षेत्र के संपर्क में आने से इनके हार्ट रेट सेंसर और जीपीएस जैसे फीचर्स गलत डेटा दिखाने लग सकते हैं या पूरी तरह काम करना बंद कर सकते हैं।
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