Tips: UPI से गलत खाते में चले गए पैसे? घबराएं नहीं, अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए तुरंत अपनाएं ये तरीके

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Sun, 12 Apr 2026 04:42 PM IST
सार

Wrong UPI Payment:

डिजिटल इंडिया के दौर में UPI हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गया है, लेकिन एक छोटी सी गलती आपकी मेहनत की कमाई को गलत हाथों में पहुंचा सकती है। अगर आपने गलती से किसी अनजान को पैसे भेज दिए हैं, तो घबराने के बजाय इन जरूरी कानूनी रास्तों को जानें।

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यूपीआई पेमेंट - फोटो : एआई जनरेटेड

    भारत में डिजिटल क्रांति का चेहरा बन चुके UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने अपनी सफलता के 10 साल पूरे कर लिए हैं। 11 अप्रैल 2016 को जब एनपीसीआई (NPCI) ने इसे पेश किया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े शोरूम तक हर कोई 'स्कैन एंड पे' पर निर्भर हो जाएगा। मार्च 2026 में यूपीआई ने 22.64 अरब ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पार कर लिया है। लेकिन जैसे-जैसे इस्तेमाल बढ़ा है, वैसे-वैसे गलत ट्रांजैक्शन की घटनाएं भी बढ़ी हैं। अक्सर मोबाइल नंबर टाइप करते समय एक अंक की गलती भारी पड़ जाती है और पैसा किसी और के खाते में चला जाता है।

    यूपीआई पेमेंट
    यूपीआई पेमेंट - फोटो : एआई जनरेटेड

    क्या वाकई वापस मिल सकते हैं पैसे?

    सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि यूपीआई में गलत ट्रांजेक्शन को रिवर्स करने का कोई बटन नहीं होता। यानी एक बार पैसे कट गए तो आप उस ट्रांजेक्शन को कैंसिंल नहीं कर सकते। एक बार ट्रांजैक्शन सफल होने के बाद इसे बैंक अपने स्तर पर तब तक वापस नहीं ले सकता, जब तक कि पैसे पाने वाला व्यक्ति इसके लिए अपनी सहमति न दे दे। यूपीआई एक वन-टाइम विंडो है, जिसका मतलब है कि पैसा पलक झपकते ही एक खाते से दूसरे में चला जाता है। लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आप हाथ पर हाथ धरे बैठे रहें। आपकी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए सिस्टम में कुछ सुरक्षा चक्र बनाए गए हैं।

    UPI
    UPI - फोटो : Adobe Stock

    पैसे वापस पाने के लिए क्या करें?

    अगर आपसे गलती हो गई है, तो सबसे पहले उस व्यक्ति से संपर्क करने की कोशिश करें जिसे पैसे गए हैं। अगर वह व्यक्ति ईमानदार है और पैसे वापस करने को तैयार हो जाता है, तो आपकी समस्या तुरंत सुलझ जाएगी। लेकिन अगर सामने वाला व्यक्ति सहयोग न करे, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें।

    बैंक के एप या कस्टमर केयर पर 'रिपोर्ट इश्यू' का विकल्प चुनें। इसके बाद आपको एनपीसीआई (NPCI) के पोर्टल या भीम (BHIM) एप पर जाकर आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। याद रखें, ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट और ट्रांजैक्शन आईडी संभाल कर रखें, क्योंकि यह आपकी शिकायत का सबसे बड़ा प्रमाण है।

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