GPS Proposal: फोन में हमेशा जीपीएस ऑन रहने के क्या हैं नुकसान? जानिए नए प्रस्ताव पर क्यों मचा है घमासान
Always GPS On Proposal:
मोबाइल में GPS हमेशा ऑन रखने के प्रस्ताव ने देशभर में बहस छेड़ दी है। COAI ने इसका समर्थन किया है, जबकि टेक कंपनियां इसे प्राइवेसी पर बड़ा खतरा बता रही हैं। जानिए यूजर सेफ्टी के नजरिए से GPS का हमेशा ऑन रहना कैसे खतरनाक साबित हो सकता है।

हाल ही में भारत सरकार के पास एक प्रस्ताव पहुंचा है जिसका खुलासा होते ही पूरे देश में खलबली मच गई। दरअसल, यह प्रस्ताव फोन में हमेशा जीपीएस (GPS) को ऑन रखने को लेकर थी, ताकि ट्रैकिंग को ज्यादा आसान बनाया जा सके। प्रस्ताव में GPS ट्रैकिंग को हमेशा ऑन रखने और यूजर्स को उसे ऑफ करने का ऑप्शन न देने का सुक्षाव दिया गया है। आसान भाषा में समझें तो प्रस्ताव मंजूर हुआ तो आपके फोन में GPS हमेशा ऑन रहेगा और आप चाहकर भी उसे ऑफ नहीं कर पाएंगे।

क्या है मामला?
टेलीकॉम कंपनियों के संगठन (COAI), जिसमें रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं, ने इस प्रस्ताव का सर्थन किया है। COAI चाहती है कि सरकार A-GPS टेक्नोलॉजी को सभी डिवाइस में हमेशा ऑन रखने का आदेश दे। असिस्टेड ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानी A-GPS, सैटेलाइट सिग्नल और सेलुलर डेटा का इस्तेमाल करके किसी व्यक्ति की सटीक लोकेशन बताता है। दूसरी ओर एपल, गूगल और सैमसंग जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन India Cellular & Electronics Association (ICEA) ने सरकार को जुलाई में भेजे गए एक कॉन्फिडेंशियल लेटर में कहा था कि ऐसा कदम ‘रेगुलेटरी दखल’ होगा।

दुनिया में कहीं नहीं ऐसा नियम
संगठन का कहना था कि A-GPS नेटवर्क का उद्देश्य निगरानी करना नहीं है। साथ ही, लोकेशन ट्रैकिंग का ऐसा उदाहरण किसी और देश में नहीं मिलता है। उनका कहना था कि यह प्रस्ताव यूजर सिक्योरिटी के नजरिए से ठीक नहीं है। देश की सुरक्षा के नजरिए से ऐसा प्रस्ताव सुरक्षा एंजेसियों के लिए मददगार हो सकता है, लेकिन एक आम नागरिक ऐसा कदम उसकी प्राइवेसी को भंग कर सकता है। आइए जानते हैं आपके फोन में हमेशा जीपीएस का ऑन रहना कौन-कौन से खतरे पैदा कर सकता है।