ड्रग्स से भी ज्यादा खतरनाक है स्मार्टफोन, फोन से सिर्फ 1 घंटे अलग रहना दूर कर सकता है टेंशन

प्रदीप पांडे
बीबीसी हिन्दी, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Mon, 14 Jan 2019 12:14 PM IST
Smartphone addiction is more dangerous than any drugs
smartphone addiction

    पिछले महीने एप्पल ने स्क्रीन टाइम फीचर लॉन्च किया। इससे यूजर्स को पता चलता रहता है कि वे कितने समय तक फोन या टैब पर रहे। अगर आपने इस फीचर को नहीं देखा है तो आपको देखना चाहिए। ऑफिस के कंप्यूटर पर या पर्सनल फोन पर अपने स्क्रीन टाइम को चेक करें तो आप हैरान रह जाएंगे। हममें से ज्यादातर लोग घर और ऑफिस में कंप्यूटर, टैबलेट, स्मार्टफोन पर बहुत ज्यादा समय बिताते हैं और इस बारे में सोचते भी नहीं।ऑफिस में ईमेल, नोटिफिकेशन, इंटरनल मेसेजिंग सिस्टम और इंटरनेट, ये सब मिलकर समय का बहुत बड़ा हिस्सा खा लेते हैं। इस तरह की तकनीक हमारी उत्पादकता घटाती है। थोड़े समय के लिए इन सबसे दूर रहना, भले ही एक घंटे के लिए ही सही, हमारी मदद कर सकता है। शोध ने साबित किया है कि टेक्नोलॉजी की तरफ ज्यादा झुकाव से सेहत, खुशियों और उत्पादकता पर बुरा असर पड़ता है।

    smartphone addiction
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    लगातार स्क्रीन देखते रहने से आंखें खराब होती हैं। चौबीसों घंटे का मेसेजिंग कल्चर हमारे तनाव और अवसाद को बढ़ा रहा है। इंटरनेट हमारे जुनून और लत का दोहन करता है। 2012 में अमरीकी शोधकर्ताओं ने ईमेल को 21वीं सदी में ऑफिस का सबसे घातक तकनीकी विचलन बताया था। उन्होंने कर्मचारियों की हृदय गति मापने के लिए मॉनिटर लगाए। यह देखा गया कि जो लोग लगातार ईमेल देख रहे थे और एक साथ कई ब्राउज़र विंडो और एप्लिकेशन पर नजर रख रहे थे, उनके हृदय की गति ज्यादा थी और उनका तनाव भी ज्यादा था। ऑफिस में पूरी तरह कट कर भी नहीं रहा जा सकता। ऑफिस के ईमेल चेक ना करें, ऐसा नहीं हो सकता। मीडिया विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिक पामेला रटलेज कहती हैं, "सोशल मीडिया पर संबंध तोड़ लेना दुनिया की जिम्मेदारियों से भागना है।"

    technology development board india
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    संबंध तोड़ लेने की जगह हम दिन में कुछ समय निकाल सकते हैं जिसमें टेक्नोलॉजी से दूर रहें। रटलेज कहती हैं, "दिमाग और ऊर्जा को मुक्त करना ही लक्ष्य है।"तकनीक से एक घंटा दूर रहने का मतलब कहीं छिप जाना नहीं है। इसका मतलब काम-धाम छोड़कर माइंडफुलनेस रूम में मेडिटेशन करना या फोन को दराज में बंद कर देना भी नहीं है। इस तरकीब का मकसद है तकनीकी उपकरणों और एप्लिकेशंस के बीच मल्टी-टास्क की कोशिशों को रोकना।

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