AI: चैटजीपीटी की मदद से किराएदार ने मकान मालिक से वसूले ₹35,000, एआई बना डिजिटल वकील!
AI का इस्तेमाल अब सिर्फ क्रिएटिविटी को बढ़ाने में ही नहीं, बल्कि लोगों को कानूनी दांव-पेंच में माहिर बनाने में भी किया जा रहा है। एक व्यक्ति ने AI का उपयोग करके अपने मकान मालिक के पास जमा सिक्योरिटी डिपॉजिट निकलवा लिया, जिसे वह देना नहीं चाहता था।

आज जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है, वहीं एक व्यक्ति ने इसे कानूनी लड़ाई में हथियार की तरह इस्तेमाल कर अपने ₹35,000 का सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस पा लिया। यह मामला Reddit पर सामने आया, जहां एक किराएदार ने बताया कि कैसे ChatGPT की मदद से उसने चुप्पी साधे मकान मालिक को मजबूर किया कि वह डिपॉजिट लौटाए।

किराएदार ने बताया कि मकान खाली करने के बाद कई बार संपर्क करने पर भी मकान मालिक जवाब नहीं दे रहा था। वकील छोटी रकम का केस लेने को तैयार नहीं थे, ऐसे में उसने GPT-4 का सहारा लिया। AI ने उससे जरूरी जानकारी मांगी जैसे नाम, पता, किराया, रहने की अवधि और पहले किए गए संपर्क प्रयास। इन जानकारियों के आधार पर ChatGPT ने एक पेशेवर और कानूनी भाषा में नोटिस तैयार किया जिसमें उपभोक्ता कानूनों का हवाला भी शामिल था।

यह नोटिस भेजने के कुछ ही दिनों के भीतर मकान मालिक ने किराएदार से संपर्क किया और पूरा ₹35,000 लौटा दिया। यह घटना ऑनलाइन वायरल हो गई और लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि कैसे AI छोटे कानूनी मामलों में मददगार साबित हो सकता है, खासकर जब कानूनी सहायता आसानी से उपलब्ध नहीं होती।