कहीं जानलेवा ना बन जाए गर्मी से राहत देने वाला AC, ऑन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

गर्मी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है...एसी ठीक करवा लेते हैं। गैस, कॉइलिंग चेक करवा लेते हैं, अब जरूरत महसूस होने लगी है...
शायद कुछ ऐसा ही सोचकर गुरुग्राम के सेक्टर-92 के सेरा हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले वासु ने एसी रिपेयर करने के लिए उन दो लोगों को बुलाया होगा। वो दो लोग अब इस दुनिया में नहीं रहे, उनकी मौत हो चुकी है। एसी में गैस भरने के दौरान एसी का कंप्रेसर ब्लास्ट कर गया और उनकी मौत हो गई। जिस ऐप कंपनी से ये दोनों मृतक आए थे उस कंपनी के सीईओ समेत दो अन्य लोगों पर आईपीसी की धारा 304, 337 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

लेकिन क्या इस दुर्घटना को होने से रोका जा सकता था?
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) में प्रोग्राम मैनेजर अविकल सोमवंशी कहते हैं कि खतरा तो हर चीज में बना रहता है लेकिन ये जरूर है कि अगर सावधानी बरती जाती तो शायद ऐसा नहीं होता। अगर अच्छी कंपनी की एसी खरीदी गई है तो उसे चार-पांच साल तक रिपेयर कराने की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन यह बहुत हद तक इस बात पर भी निर्भर करता है कि कंप्रेसर लगा कहां है। अगर कंप्रेसर ऐसी जगह लगा है जहां जहरीली गैसें ज्यादा हैं तो कंप्रेसर जल्दी खराब हो जाएगा। ऐसे में कंप्रेसर की दिशा का हमेशा ध्यान रखना चाहिए।

अगर आप एसी रिपेयर करवा रहे हैं तो कुछ बातों को जहन में रखना बेहद जरूरी है...
- जब भी मैकेनिक को बुलाएं, उसकी परख जरूर करें। अकुशल मैकेनिक से काम कराने से बचें। जब वो आए तो उससे सारी जानकारी लें, उसका अनुभव जांच लें और ये भी तय कर लें कि उसने जहां से प्रशिक्षण लिया है वो मान्यता प्राप्त संस्थान हो।
- मैकेनिक के पास सारे संसाधन हों, ये सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। सुरक्षा के लिहाज़ से और काम करने के लिहाज से।
- जहां भी एसी के रिपेयरिंग और गैस-फिलिंग का काम हो रहा हो वो जगह बंद न हो। खुली जगह पर ही ये कम करना सुरक्षित रहेगा।
- जिस समय एसी रिपेयरिंग का काम हो रहा हो उस समय बहुत अधिक भीड़ न करें। खासतौर पर बच्चों को तो दूर ही रखें।