100 गुणा तेज चलेगा इंटरनेट, 2020 तक भारत में शुरू हो जाएगा 5G

5जी तकनीक से स्मार्टफोन्स की दुनिया में एक बड़ा बदलाव आएगा। इससे कार, घर, मशीन और गैजेट्स को एक इंटरनेट कनेक्शन से जोड़ा जा सकेगा। देश के किसी दूरदराज इलाके में गंभीर रूप से बीमार कोई व्यक्ति यात्रा करने की स्थिति में नहीं है, तो 5जी की सहायता से उसका इलाज वर्चुअल रियलिटी कंट्रोलर्स के जरिए आसानी से किया जा सकेगा। देश के ज्यादातर सर्विस प्रोवाइडर्स 5जी को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं।

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस सिस्को, सैमसंग, एरिक्सन और नोकिया जैसी इक्विपमेंट वेंडर्स से रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के साथ पार्टनरशिप करने के लिए कह चुका है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस चाहता है कि टेलीकॉम कंपनियां देश में जनवरी 2019 तक 5जी का फील्ड ट्रायल करें और व्यावसायिक स्तर पर इसकी शुरुआत को आसान बनाने के लिए जरूरी सिस्टम के बारे में बताएं।

सिस्को के मुताबिक, टेलीकॉम नेटवर्क 5जी एनवायरमेंट में ही वास्तविक तौर पर सर्विस प्लेटफॉर्म बनेंगी और छोटी मझोली कंपनियों और उपभोक्ताओं के लिए खासतौर पर तैयार डिजिटिल सर्विसेज से टेलीकॉम कंपनियों को नेटवर्क ट्रांसफॉर्मेशन और डाटा सेंटर आर्किटेक्चर बनाने में किया गया निवेश वसूल करने में मदद मिलेगी। इसकी स्पीड 4जी नेटवर्क से 100 गुना तक ज्यादा हो सकती है। सरकार को देश में 5जी की शुरुआत 2020 के अंत में शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि टेलीकॉम सेक्टर के एक्सपर्ट्स का कहना है कि 5जी लॉन्च करने को लेकर भारत की तैयारी धीमी है।