Old Smartphones: Google को चाहिए आपका पुराना स्मार्टफोन, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान! करेगी ये अनोखा काम
आपका पुराना फोन अब कचरे की ढेर का हिस्सा नहीं बनेगा। गूगल कुछ ऐसा प्लान कर रही है ताकि आपके पुराने स्मार्टफोन से क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया जा सके। इस पहल का मकसद पुराने हार्डवेयर के इस्तेमाल से कार्बन फुटप्रिंट को कम करना है।

अगर आप अपने कबाड़ हो चुके स्मार्टफोन को बेचने की सोच रहे हैं, तो रुक जाइए। क्या आप जानते हैं कि आपका पुराना स्मार्टफोन धरती को बचाने के काम आ सकता है? जी हां, टेक्नोलॉजी के इस दौर में नए कंप्यूटर और सर्वर बनाने से कार्बन उत्सर्जन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसी समस्या का हल खोजने के लिए गूगल ने एक खास पहल शुरू की है।
इलेक्ट्रॉनिक कचरे और प्रदूषण को रोकने के लिए कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैन डिएगो (UCSD) ने गूगल की मदद से एक शानदार पहल की है। अब रिटायर हो चुके पुराने स्मार्टफोन्स को मिलाकर एक पावरफुल 'क्लाउड कंप्यूटिंग' प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। आइए जानते हैं इससे क्या फायदा होगा।
क्यों खास है यह पहल?
दरअसल, कंप्यूटिंग उद्योग में दो तरह से भारी मात्रा में कार्बन फुटप्रिंट बढ़ता है। पहला, डिवाइस चलाने के दौरान ऊर्जा उपयोग होता है जिससे भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन होता है। दूसरा, हार्डवेयर बनाने की प्रक्रिया में भी कार्बन उत्सर्जन होता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नए हार्डवेयर बनाने की बजाय पुराने उपकरणों का दोबारा उपयोग करना उत्सर्जन कम करने का प्रभावी तरीका हो सकता है।
औसतन लोग हर चार साल में अपना स्मार्टफोन बदल लेते हैं। हालांकि, पुराने फोन का प्रोसेसर, मेमोरी और स्टोरेज अक्सर काम करने लायक कंडिशन में रहते हैं। ऐसे में उन्हें दोबारा इस्तेमाल कर नए सर्वर खरीदने की जरूरत कम की जा सकती है।
फोन से सर्वर तक का सफर
गूगल के मुताबिक, डेटा सेंटर में उपयोग से पहले स्मार्टफोन से बैटरी, स्क्रीन, कैमरा और अन्य गैरजरूरी हिस्से हटा दिए जाएंगे। केवल मदरबोर्ड को रखा जाएगा, क्योंकि यही फोन की मुख्य कंप्यूटिंग क्षमता प्रदान करता है और इसके निर्माण में सबसे अधिक कार्बन उत्सर्जन होता है।
इसके बाद एंड्रॉयड आधारित सिस्टम को हटाकर सामान्य लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल किया जाएगा। कई फोन को मिलाकर एक क्लस्टर बनाया जाएगा, जिसे Kubernetes तकनीक के जरिए मैनेज किया जाएगा।
एक सर्वर में लगेंगे 25 से 50 फोन
रिसर्चर्स के अनुसार 25 से 50 स्मार्टफोन मिलकर एक एडवांस सर्वर जितनी कंप्यूटिंग क्षमता दे सकते हैं। शुरुआती परीक्षणों में पाया गया कि में 20 फोन का एक क्लस्टर 75 से अधिक छात्रों वाली कक्षा की जरूरतों को आसानी से संभाल सकता है।
यूनिवर्सिटी की योजना 2026 के आखिर तक 2,000 फोन वाला यह सिस्टम शुरू करने की है। इससे न केवल लागत घटेगी, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी।
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