Fake Update Malware: फेकअपडेट मैलवेयर कितना खतरनाक, इन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा खतरा

डिजिटल होती दुनिया में कई तरह के खतरे सामने आ रहे है। ऐसा ही एक खतरा इन दिनों टेक बाजार में चल रहा है। रेंसमवेयर फर्जी अटैक के जरिए दुनियाभर के कई लोगों को अपने जाल में फंसाया गया है। इस नए खतरे के बारे में बेहद ही कम लोग जानते हैं। रेंसमवेयर हमले के जरिए कुछ संगठनों को निशाना बनाया जाता है और उनके सिस्टम में मैलवेयर पहुंचाया जाता है। यह मैलवेयर इतना ज्यादा खतरनाक है कि इससे दुनिया के कई बड़े संगठन प्रभावित हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि फेकअपडेट मैलवेयर के जरिए विश्व के लगभग 8 फीसदी संगठन प्रभावित हैं।

फेकअपडेट मैलवेयर से काफी बड़ा खतरा है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यह मैलवेयर एक जावा स्क्रिप्ट में होता है। इसमें फर्जी सॉफ्टवेयर अपडेट के अंदर खतरनाक मैलवेयर होता है। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि यह खतरनाक मैलवेयर फर्जी सॉफ्टवेयर के अंदर छुपा हुआ होता है। ऐसे में इसका पता लगाना काफी मुश्किल होता है। यह मैलवेयर कंप्यूटर प्रोग्राम में होता है और पूरे सिस्टम को बुरी तरह से प्रभावित करता है।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि फेक अपडेट मैलवेयर की वजह से विंडोज, मैक और लिनेक्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले सिस्टम में कई कमजोरियां मिलती हैं। यह मैलवेयर एक बार सिस्टम में आ जाए तो फिर डिवाइस में मौजूद सारी जानकारी को चुरा सकता है, जैसे- ईमेल सर्विस, डिवाइस सेटिंग, ऑनलाइन सर्विस, क्लाउड सर्विस और लॉगइन की जानकारी भी चोरी कर सकता है। हैकर्स इस जानकारी के जरिए लोगों के साथ कई तरह के स्कैम को अंजाम दे सकते हैं।