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स्मृति शेष: वीएस नायपॉल कभी खुद के बारे में ऐसा सोचते थे...

वीएस नायपॉल
                
                                                         
                            मेरा जन्म त्रिनिदाद में हुआ। उस समय वहां की आबादी करीब चार लाख थी। इनमें
                                                                 
                            
से करीब डेढ़ लाख लोग भारतीय थे-हिंदू और मुस्लिम। लगभग सभी किसानी
पृष्ठभूमि के, जो गंगा के मैदानी इलाकों से आए थे। चागुआना में मेरी दादी
का घर दो हिस्सों में बंटा था। अगला हिस्सा ईंट का था, जिस पर प्लास्टर था
और सफेदी की हुई थी। यह भारतीय घर जैसा था, जिसकी ऊपरी मंजिल पर घेरा बना
हुआ था और उसके ऊपर पूजा घर था। इसकी सजावट बहुत अच्छी थी, खंभे पर कमल के
फूल और हिंदू देवी-देवताओं के चित्र थे, जिन्हें भारतीय मूल के लोगों ने
बनाया था।
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घर के पिछले हिस्से में कैरेबियन शैली में लकड़ी की इमारत थी....

8 वर्ष पहले

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