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अपमान का घूंट पीना होता है

                
                                                         
                            अपमान का घूंट पीना होता है
                                                                 
                            
आत्मीय जन बनके ही तो लोग अपमान करते हैं,
उत्तुंग शिखर दृष्टि वाले कब अपमान से डरते हैं l
सम्मान प्राप्त व्यक्ति अपमान को प्राप्त करता है,
विश्व विजेता जीवन में हार को प्राप्त करता हैl
अपनों का कियाअपमान भी सम्मान बन जाता है,
ईश्वरीय महिमा होने पर सुख का तंबू तन जाता हैl
जिसे सम्मान की चाह नहीं अपमान भी भला है,
सम्मान अपमान का समिश्रण जीवन में कला हैl
अपमान को सहन करके जो नित्य आगे बढ़ता है,
वह जीवन में सफलता की सीढीओं को चढ़ता हैl
- बीपी सिंह यादव 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 hours ago

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