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हँसना मत छोड़ो

                
                                                         
                            अपनों को मनाने की जिद्द छोड़ो।
                                                                 
                            
रूठे बैठे हैं जो उन्हें और मत छेड़ो।।

बांटना चाहते हैं ज़माने की खुशियाँ।
उनको इस तरह अकेला मत छोड़ो।।

कभी-कभी मिलने आ जाते घर पर।
मायूस चेहरों को हंसाना मत छोड़ो।।

चल न दे कहीं गाँव को छोड़कर वो।
मिल बांट कर खाओ प्रेम मत छोड़ो।।

नजर से नजर मिलते नही 'उपदेश'।
दिल मिलाने की कोशिश मत छोड़ो।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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28 मिनट पहले

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