पत्ता- पत्ता छाया देता
हरियाली से मन हैं भाता
छुपकर पेड़ों के पत्तों में
पंछी खुशी से गीत गाता
दूषित हवा को दूर कर,
शुद्ध हवा हमें पहुँचाता
उड़कर कही से पंछी आता
पत्तों में छुप जाता ॥
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