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हुआ सबेरा

                
                                                         
                            हुआ सवेरा
                                                                 
                            
हटा अँधेरा
पंछी देखो चहक रहे हैं
बह रही है हवा ठंडी
पुष्प देखो महक रहे हैं
बिस्तर छोडो बबलू -डब्लू
बच्चे बकरी के फुदक रहे हैं
कभी दीवार पर
चढ़-उतर कर
जानबूझकर लुढ़क रहे हैं
आलस छोड़ो
तुम भी खेलों
जैसे वे भी हंस रहे हैं ॥



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6 वर्ष पहले

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