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एक आकाश

                
                                                         
                            एक आकाश , एक ही धरती ।
                                                                 
                            
एक खुदा घर सब की बस्ती ॥

एक नज़र से दूर अंधेरा ।
एक दीप से भुवन उजेरा ॥

एक ज्योति से दीप जलाये ।
एक स्वार्थ हित देश बंटाये ॥

एक बसन्ती ऋतु का सपना ।
सुखी एक हो भारत अपना ॥




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6 वर्ष पहले

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