अजनबी बनके रहे;
और कहे कौन हो तुम ?
वह कहे हूं तो यूं तेरी ही परछाईं,
ना जाने तुम्हे क्यूं ना जान पाई,
हूं तो हूं तेरे लिए मै एक अजनबी;
फिर भी हूं रोज़ तेरे साथ खड़ी;
अजनबी बनके रहे और
कहे हूं तो तेरी ही परछाईं ..
ना जाने तुम्हे क्यूं ना जान पाई?
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