अगर पाना है कुछ, तो रोना जारी रखिये
अपने चेहरे पे, दिखावे की लाचारी रखिये
मक़सद हो जाये पूरा तो बदल लो चोला,
वरना तो अपनी, ये हिक़मतें जारी रखिये
ज़िन्दगी जीना है तो सीख लो कुछ प्रपंच,
आँखों में कभी पानी, कभी चिंगारी रखिये
एक जैसा आचरण सदा अच्छा नहीं होता,
कभी जुबान हलकी, तो कभी भारी रखिये,
जितना झुकोगे लोग तो झुकाते ही जाएंगे,
ज़रुरत पड़ने पे, अपनी बात करारी रखिये
कोई आ जाये तुम्हारे दर पे मदद पाने को,
कैसे दिखानी है मजबूरी, पूरी तैयारी रखिये
इस दुनिया में जीना भी एक कला है "मिश्र",
मतलब की दुश्मनी, मतलब की यारी रखिये
-शांती स्वरूप मिश्र
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