आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

महादेव

                
                                                         
                            महादेव कण-कण के वासी
                                                                 
                            
वो भोलेनाथ,वो अविनाशी
वो जटाधराय,वो रुद्ररूपाय
वो आदिगुरु,वो दिगम्बराय
वो महामाय, वो महाकाल
वो वज्रहस्त,वो लोकपाल
वो स्वयंभू, वो विश्वनाथ
वो महामृत्युंजय,वो नाथों का नाथ
वो भूदेव,वो घट-घट के वासी
वो भोलेनाथ,वो अविनाशी
वो ओमकार,वो देवों के देव
हर-हर,हर-हर महादेव l
—रोहित तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर