सांत्वना
सच ये सपने और भी हसीन हो जायेंगे
जब पलकों के मोती नमकीन हो जायेंगे
तुम जितना दूर करना चाहोगी इस दिल से
हम उस दिल के उतना ही करीब हो जायेंगे
बड़ी शौक से मेंहद़ी लगाना किसी नाम की
हम भी उस रस्म अदायी में शरीक हो जायेंगे
तेरी मुहब्बत ने मुझे पागल बना दिया था
खुदा कसम तेरे जाने के बाद आलिम हो जयेंगे
जो खेल तुने इतने सलिके से खेला मेरे साथ
अब हम भी उस खेल में बेहतरीन हो जायेंगे
तू रानी हो जाना किसी के दिल की
हम भी किसी के नसीब हो जायोंगे
जब भी तेरी खुशियों का पैगाम आयेगा
मेरे हर दिन होली और ईद हो जायेंगे
जब रूख्सत होंगे दुनिया से बफा का हिसाब होगा
तो मेरे प्यार दुनिया के लिए एक नजीर हो जायेंगे
By Yaduraj Rishi
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