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बापू

                
                                                         
                            जब वो मन से हारे हैं
                                                                 
                            
तब जाकर गोली मारे हैं
हे! राम के महापुजारी
अपने ही तेरे हत्यारे हैं
मान मसीहा तुमको
जब ये फूल चढ़ाते हैं
हिंसा के ये महापूजारी
कहां तनिक सर्माते हैं
बापू की तस्वीर दिखा
गोड़से का पाठ पढ़ाते हैं
सत्य अहिंसा के पुजारी
कहने को तो सारे हैं
हे! राम के महापुजारी
अपने ही तेरे हत्यारे हैं
जिनके हाथ रंगे हुए हैं
निर्दोषों के रक्तो से
मेरा भारत भरा पड़ा है
बापू ऐसे भक्तों से
कैसे विश्वगुरु बनेंगे हम
ढोंगी बाबाओं और संतो से
कैसे भूलेगा देश हमारा
बहुत उपकार तुम्हारे हैं
हे! राम के महापुजारी
अपने ही तेरे हत्यारे हैं
नहीं मानता इंसान तुम्हे मैं
ना हिंदू मुसलमान तुम्हे मैं
जो सबको एक बराबर देखे
अपना मानू भगवान तुम्हें मैं
नहीं सत्ता का लालच देखा
कैसे कह दूं बेईमान तुम्हें मै
देश की जनता क्या जाने
कितने एहसान तुम्हारे हैं
हे! राम के महापुजारी
अपने ही तेरे हत्यारे हैं

,By Yaduraj Rishi


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6 वर्ष पहले

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