हवाओ के साथ चारों तरफ ऊपर आसमान में उड़ते हुए बादल ही बादल,
पानी के बूंद के रूप में नीचे गिराने लगे खुद में छुपाए हुए जब जल ही जल,
तब जाकर पशु पक्षी मनुष्य की न सिर्फ प्यास बुझी बल्कि साथ ही,
सभी को खाने के लिए भी धरती पर उगने लगे अनाज और फल ही फल|
-मनस्व
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