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यह साँझ को क्या हो जाता है

                
                                                         
                            यह साँझ को क्या हो जाता है , क्या दिन नहीं छोड़ा जाता है , बात ऐसी भी नहीं कि, सिर्फ आज ही आज है , कल नहीं फिर होना साँझ है , काज अधूरे तो क्या हुआ , बात ऐसी भी तो नहीं , कि अब खत्म काज की मियाद है ,
                                                                 
                            


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6 वर्ष पहले

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