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यह जीवन की आपाधापी

                
                                                         
                            यह जीवन की आपाधापी , यह मानव-दौड़ की हाफा-हाफी , यह उपलब्धियों का प्यार ,
                                                                 
                            
यह महत्वाकांक्षाओ की मार , इन सबसे युक्त स्वयं को बतौर मानव देखकर ,
स्वयं ही , स्वयं के प्रति संवेदी दया उभर आती है अपार ......!



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6 वर्ष पहले

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