निर्मित हो वैयक्तिक त्याग का भारत , हो न जातिक लाभ्यक्ति की बात ,
देश-देश में फैलाये जात-घात की आवृत्ति , नष्ट करें इस प्रकार जाति को कि हो न पुनरावृति, !
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