अब भी है यहाँ एक खिलौना, मात्र मानव हस्ती , अब भी है मौत यहाँ , जीवन से सस्ती ,
योग्यताओं को अब भी जकड़े है, कुलतंत्र का फेरा , अब भी बसता है यहाँ , मात्र स्वघोषित उत्कृष्टो का डेरा ...!!
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