अपनी नज़रों में सफल
मैं अपनी नज़रों में
इतना सफल व्यक्ति हूँ
कि मुझे तुमसे कुछ लेना नहीं—
तुम्हें ज़रूरत होगी तो दे दूँगा,
मगर तुम्हारा कुछ नहीं लूँगा।
अगर इस दुनिया से चला भी गया,
तो तुम्हारा नुकसान करके नहीं जाऊँगा।
तुम्हें सिर्फ़ अपना दिया हुआ
फ़ायदा देकर जाऊँगा।
इसलिए अपना डर छोड़ो
और चैन से जियो।
एक दशक में भी किसी इंसान पर
पूरी तरह भरोसा नहीं कर पाए,
तो उसे पूरी तरह समझने के लिए
ज़िंदगी भी छोटी पड़ जाएगी।
मैंने जो देखा,
वही मेरी दौलत है।
जो सीखा,
वही मेरी पहचान है।
अब मुझे किसी से कुछ छीनना नहीं—
बस अपने अनुभवों के साथ
सुकून से जीना है।
— रजनी
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