करवट बदलती जिंदगी के पहलू में,।
कुछ यादों के समंदर का अहसास अभी जिंदा है,
पतझड़ के बाद जैसे बसंत का आगमन,
सपनों के अहसास का आयाम अभी जिंदा है।
हर वक्त बीत जाता है सुलझाने में,
कुछ अनछुए से गर्क अभी जिंदा हैं,
आ लौट आ खुद के उस वजूद में,
आज भी ओ लौह अभी जिंदा है।
वो अनसुलझे अहसास बयान करते हैं,
तेरी हर ख्वाब में वो अहसास अभी जिंदा है।
आज भी उस रास्ते के पड़ाव में,
कुछ अनकहे से मुकाम अभी जिंदा है।
हर राह साथ - साथ हो मेरे ऐसे वो अनसुलझे अहसास अभी जिंदा हैं ,
वो अनसुलझे अहसास अभी जिंदा हैं।
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