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माँ की ममता

                
                                                         
                            माँ की ममता का कोई मोल नहीं,
                                                                 
                            
माँ के जैसा कोई भी अनमोल नहीं l

माँ के जैसी खुशबू नहीं किसी गुलाब में,
माँ के जैसा कोई फूल नहीं किसी बाग में l

माँ सबसे नायाब बेशकीमती नगीना है,
माँ के बिना जीना भी क्या जीना है l

माँ के आंचल में भरी है निर्मल ममता,
सब कुछ सहने की रखती है जो क्षमता l

माँ जैसा दुनिया में कोई और किरदार नहीं,
माँ की ममता और माँ के जैसा कहीं प्यार नहीं l

कोई तो जैसे देवी कोई ममता की मूरत है,
माँ के रूप में नजर आती ईश्वर की सूरत है l

किसी वरदान किसी उपहार जैसी है,
मेरी माँ मेरे लिए मेरे भगवान जैसी है l
-पुष्पा साहू मीरा
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5 महीने पहले

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