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नींद आ भी रही पर ना सोया जा रहा।

                
                                                         
                            नींद आ भी रही , पर
                                                                 
                            
ना सोया जा रहा।
दिल में गम है ,फिर भी
ना रोया जा रहा।
आशुओं में भीगना मंजूर है, पर
चाह कर भी बारिश के बुंदो में
खुद को ना भिगोया जा रहा।
हम तो तेरे ख्यालों से ही मुकम्मल है,
तेरी यादों में ना खुद को डुबोया जा रहा।
अब तो खुद के हालात पर भी तरस आ रही,
ना मरा और ना ही जिया जा रहा।
नींद आ भी रही ,पर
ना सोया जा रहा।
दिल में गम है, फिर भी
ना रोया जा रहा।।
-प्रीति गौतम
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एक घंटा पहले

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