हर साल आव् से सावन
धरा पर हरियाली बिछाय देसे सावन।
नदियों मा उफान आनके,
आपलो रुद्र रूप देखाय देसे सावन।।
हर साल आव् से सावन
किसानों मा हर्षोल्लास आन् से सावन।
नीलो आसमान मा,
मेघों की गड़गड़ाहट सुनाव् से सावन।।
हर साल आव् से सावन
सूर्य की तपन ला छुपाय देसे सावन।
रिमझिम रिमझिम बारिश लक,
खेतों की फसलों ला बढ़ाय देसे सावन।।
हर साल आव् से सावन
धरती माता ला नवजीवन देसे सावन।
नवी- नवी लताओं लक ,
नववधू वानी धरा ला सजाय देसे सावन।।
हर साल आव् से सावन
मनोहारी इन्द्रधनुष देखाव् से सावन।
रंग-बिरंगी इंद्रधनुष लक,
नील गगन ला सुंदर सजाव् से सावन।।
हर साल आव् से सावन
धरती माता की तहान बुझाव् से सावन।
धुआंधार वर्षा करके,
भरपूर फसलों की आस जगाव् से सावन।।
हर साल आव् से सावन
भाषा वैभव बढ़ावन की सीख देसे सावन।
मातृभाषाओं मा नव-प्राण,
पुनः संचारित करन को संदेशा देसे सावन।।
-ओ सी पटले
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