थोड़ा सा कुछ मीठा हो जाए
कसैले से लम्हों की यादें भुलाकर
मीठा मधुर एक स्वाद चखा जाए
थोड़ा सा कुछ मीठा हो जाए
कड़वे हो चले रिश्तों की कहानी
अधकच्चे छूटे उन किस्से की ज़ुबानी
कुछ ज़ज़्बातो को साथ पिरोकर
स्नेह चाशनी मे फिर डुबोया जाए
थोड़ा सा कुछ मीठा हो जाए
जिंदगी की जलती पिघलती सांस को
अपनेपन के सांचो मे ढाल कर
बदरंग हो चुकें लम्हों के चेहरों को
कुछ नए रंगों से भिगोया जाए
थोड़ा सा कुछ मीठा हो जाए
कसैले से लम्हों की यादें भुलाकर
मीठा मधुर कुछ स्वाद चखा जाए
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