रक्षा सूत्र बांधो मेरे जो धीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
थामे खड़े जो कमान तीर है |
कोई नहीं वो देश का वीर है||
जो दुश्मन का कलेजा करते चीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
जो संभाले नाजुक मसला जम्मू कश्मीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
जिनके सेवा से खिलता अपना कुटीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
जिनके कारण खेले रंग अबीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
रक्षा सूत्र बांधो मेरे जो धीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
जिनका लोहा जैसा ब्रज शरीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
पूजो जो अपने देश के हीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
मान करो कहते संत कबीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
देखा जिनका सपनो में तस्वीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
भाग्य मेरा जो मेरा बीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
पूजो जो अपने देश के हीर है|
कोई नहीं वो देश का वीर है||
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