भरोसा
कीट को है भरोसा पराग कभी व्यर्थ नहीं जायेगा
बगिया में खिलेगा फूल जग में खुशबु बिखरायेगा
चातक की प्यास स्वाति नक्षत्र की बूँदें ही बुझा पायेंगी
राम पालकी भी रानी पुख्य नक्षत्र मे ही ओरछा लायेंगीं
जामवन्त करें भरोसा हनुमान ही सागर को लॉंघ जायेगा
कान्हा का भरोसा अर्जुन ही मछली की ऑंख भेद पायेगा
स्वयंवर में राम ही राजा जनक की लाज को बचायेगें
अभिनन्दन के अभिमान मिग ही मिराज को गिरायेंगे
है विश्वास भारत में ही एक बार फिर राम राज्य आयेगा
विश्व भर में विजयी तिरंगा ही पुनः देश की शान वढ़ायेगा
निहाल चन्द्र शिवहरे , झॉंसी
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