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मन चंचल है

                
                                                         
                            मन क्यों चंचल है, क्यों भटकता है दरबदर।
                                                                 
                            
क्यों एक पल भी तुझे चैन नहीं,
क्यों करता है हर पल हलचल।।
ए मन तू क्यों चंचल है,
क्यों तुझे एक पल भी चैन नहीं।।


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6 वर्ष पहले

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