लोग जब भी तेरे विपरीत दिखाई देंगे;
तेरी जानिब से हम ऐ दोस्त सफ़ाई देंगे।
आपको खलने नहीं देंगे कमी भाई की;
वास्ते राखी के हम अपनी कलाई देंगे।
इक नज़र में तू हमें देख नहीं पायेगा;
ध्यान देने पे तुझे हम ही दिखाई देंगे।
बोलकर झूठ वो तोड़ेंगे भरोसा पहले;
और फिर बाद में रो-रो के सफ़ाई देंगे।
तुमने भी दी है बड़ी सीख हमें जीवन में;
हम भी गुरु पूर्णिमा की तुमको बधाई देंगे।
तूने ठुकराया तो देखेंगे नहीं मुड़कर भी;
मत समझ लेना कि हम तेरी दुहाई देंगे।
ग़म खड़े हैं कई चौखट पे हमारी 'मोहक';
सो तुझे ऐ ख़ुशी! हम आज विदाई देंगे।
-मनीष 'मोहक'
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