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पत्नी पीड़ित

                
                                                         
                            पत्नी बोली, मालकिन हूं मैं
                                                                 
                            
घर के तुम हो दास प्रिये
बात न मानी, तो कर दूंगी
घर का सत्यानाश प्रिये

मायके नहीं जाऊंगी लड़कर मैं
रहूंगी तेरे पास प्रिये

खाना नही बनेगा घर में
सबका है उपवास प्रिये

मां प्यारी है गर तुमको तो
दोनों कर लो वनवास प्रिये

संग जिऊंगी, संग मरुंगी
ना लेने दूंगी सांस प्रिये
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3 वर्ष पहले

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