आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मेरी कलम विचित्र है

                
                                                         
                            मेरी कलम दीवानी है
                                                                 
                            
ये सारी दुनिया कहती है
ये बहुत रूहानी भी है मेरी आत्मा कहती है
यह लिखते वक्त जन्नत की खुशियां देती है
दिल के अरमानों को शिद्दत से लिखती है
ये करोड़ों में एक है, मेरे दिल की सुनती है
इसका कोई मोल नहीं,ये अनमोल है
ये सुख शांति चैन अमन सब देती है
मेरी कलम विचित्र अद्भुत है
बिना शोर किए चलती है।।
-ममता तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
5 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर