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मेरी कलम बहुत

                
                                                         
                            मेरी कलम बहुत नाजुक है
                                                                 
                            
लिख देती क्या दुख क्या सुख है
देखती रहती बैठी बैठी
हाथों में आने के लिए बेचैन रहती है
खूबसूरत एहसासो को पिरोने वाली
मेरी कलम बहुत अच्छी है
मीठी-मीठी बातें लिखती
हर वक्त मेरे साथ चलती रहती है
रुक जाती तो मेरी किस्मत भी रुक जाती है
मेरी कलम मेरी दीवानी है
मेरी कलम बहुत नाजुक है
फिर भी, चलती रहती है।।
-ममता तिवारी
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5 महीने पहले

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