मासूम दिल जब छला जाता है।
वह दिल रहता नहीं,
जलजला बन जाता है।
फूल जब पैरों से कुचला जाता है।
फूल रहता नहीं,
फूल से वो अंगारा बन जाता है।।
-ममता तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X