क्यों ढूंढते हो खुशी जमाने में,
सब है तेरे दिल के तहखाने में।
-ममता तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X