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खामोशी समझ सके.……

                
                                                         
                            खामोशी समझ सके,जमाने में उतनी औकात नहीं।
                                                                 
                            
जमाना शोर बहुत करता है,पर समझता कुछ भी नहीं।।
-ममता तिवारी
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5 महीने पहले

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