स्वच्छंद बहती हवाएं
महका देती है फिजाएं
ये फूल,ये कलियां ये बहारे,
ये आसमान के लुभावाने तारे
क्यों ना हम उन पर अपना दिल हारे
ये लगते ही है इतने प्यारे
दूर कर देते उदासी सारे
सुबह-सुबह के खूबसूरत नजारे
निकलते सूर्य भगवान को मन करे प्रेम से निहारे
मन उत्सुक हो जाता कब हो उजाले
चहकती चिड़िया,निकलते फूल
सबकी हंसी, बच्चों के शोर गुल
यही तो है जिंदगी के असली सहारे।।
-ममता तिवारी
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