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अचानक मौसम का बदलना: कविता

                
                                                         
                            अचानक मौसम का रुख बदलना
                                                                 
                            
तूफानी तेज हवा चलना
जोरो से बादल का गरजना
बारिश की टिप टिप बूंद से धरती का भिगोना
खिला देते हैं मन का कोना कोना
शीतल हवा के झोंके
खिड़कियों से झांके
अदभुत,अप्रतिम सौंदर्य और शीतलता प्रदान करते
मैं खुद को रोक नहीं पाई
बहुत देर तक खिड़की के पास
खड़ी निहारती रही
अजीब चमत्कार है दुनिया
पल में क्या से क्या बदल जाता है
हमारा सोचना कुछ और,
ईश्वर के मर्जी से हर मंजर बदल जाता है।
अजीब बात है न, मौसम एक ही
सबके जीवन के अनुसार मायने बदल जाते
किसी के लिए फूल बनके आते
किसी के लिए शूल बनके आते
कोई ख़ुश हो जाता
कोई दुखी हो जाता
कोई घर में बैठकर ऎश आराम की जिंदगी जीता
किसी का तूफान में आशियाना ही उजड़ जाता
विधाता का खेल निराला
सबके जीवन में खुशियां लाएं ऊपरवाला
ईश्वर से यही, दुआ कामना
ख़ुश रहे सारी दुनिया जमाना।।
-ममता तिवारी
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5 महीने पहले

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