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इश्क़ तो अथाह है

                
                                                         
                            इश्क़ बड़ा ही खूबसूरत सा लफ़्ज़ है इश्क़।
                                                                 
                            
किसी के इश्क़ में गुज़रा हुआ हर एक लम्हा एक उम्र से भी बड़ा होता है।।
क्योंकि जहां इश्क होता है वहां तन्हाई में भी एक महफ़िल होती है 
उन ख्यालों की महफ़िल जिससे भूलकर भी उठकर जाने का दिल नहीं करता।
फिर चाहे वह इश्क़ एक तरफा ही क्यों ना हो।।
इश्क़ की अपनी ही एक अलग दुनिया होती है ख़्वाबों की दुनिया।
जहां अनगिनत मुलाक़ातें होती हैं और अक्सर नींद में बातें होती।।
इश्क़ वो जज़्बात है जो लफ़्ज़ों में बयां नहीं किया जा सकता
इश्क़ तो अथाह है इसकी न कोई थाह है।
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2 वर्ष पहले

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