“चॉकलेट डे”
आज चॉकलेट डे है—
हर तरफ़ मीठे रैपरों में लिपटी मुस्कानें।
लोग कहते हैं,
“तुम बहुत खास हो,”
और उनके शब्द
डार्क चॉकलेट की तरह
मुंह में पिघलते हैं—
मीठे, मुलायम।
पर अंदर कहीं
कोको से ज़्यादा कड़वाहट है,
जो जीभ से नहीं,
रिश्तों से चिपकती है।
यह मतलबी दुनिया
गिफ्ट बॉक्स में भावनाएँ पैक करती है,
ऊपर से रिबन,
अंदर से खालीपन।
मीठी बातों का शुगर-कोट,
और दिल में अनकही सच्चाई—
बिना चीनी की,
कड़वी, सख़्त।
चॉकलेट डे पर
मैंने सीखा है—
हर मिठास भरोसे की नहीं होती,
कुछ सिर्फ़ स्वाद होती है,
साथ नहीं।
-विकास सिंघई
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